हेलो दोस्तों मैं आपके लिए एक नई बुक जिसका नाम है Emotional intelligence (भावनात्मक बुद्धिमत्ता) जो डैनियल गोलमैन (Denial goleman) के द्वारा लिखी गई है, मैं इसके बारे में कुछ बताना चाहूंगा।
ताकि यह आपकी जीवन में खुशियां एवं सफलता में मददगार साबित हो।
कुछ संक्षिप्त तरीके से इसके बारे में बताऊंगा
आजकल वर्तमान में हम देखते हैं कि किस तरह से लोग आई क्यू इसे बड़ा बनाने के लिए प्रयास करते रहते हैं लेकिन इतना सब करने के बाा व्यक्हीं ना कहीं कितनी ही आई क्यू के बाद भी फेल हो जाता है चाहे वह निजी जिंदगी हो चाहे वह प्रोफेशनल लाइफ हो क्योंकि उसका सबसे बड़ा कारण होता है भावनात्मक बुद्धिमत्ता (Emotional intelligence ) का ना होना इसका अर्थ यह हुआ कि व्यक्ति को उसकी भावनाओं को संभालना और नियंत्रण करना नहीं आता इससे होता क्या है की भावना उस पर हावी हो जाती है और वह कुछ भी गलत कार्य भी कर सकता है या फिर अपनी भावनाओं को संभालने के लिए अपने इमोशंस को बार-बार दबाता रहता है, जिससे उसके अंदर एक ही हीन भावना पैदा होती है और वह मानसिक रूप से ग्रसित हो जाता है जिससे उसकी निजी जिंदगी या कामकाजी जिंदगी प्रभावित होती हैं
EQ की कमी के प्रभाव-
स्कूलों में या स्टेज पर जाने में डर लगना।
किसी के कुछ कहने पर जल्दी गुस्सा हो जाना यह गुस्से में कुछ भी एक्शन लेना
किसी के कुछ कहने पर इमोशनली होकर कुछ भी डिसीजन करना।
आपको एक उदाहरण बताना चाहूंगा एक पेंटर हुआ करता था, जो बहुत ही फेमस था जिनका नाम है विंसेंट वैन गो । यह काफी सक्सेजफुल भी था लेकिन फिर भी यह पता नहीं क्यों कभी शांति से जीवन नहीं जी पाए यह हमेशा अपनी भावनाओं को दबाने की कोशिश करते रहे और सारी जिंदगी चिंता और अशांति में जीना पड़ी।
तो हमने देखा कि किस तरह से हमें भावनात्मक समझदारी की जरूरत है चलिए अब मैं डेनियल गोलमैन की पुस्तक इमोशनल इंटेलिजेंस के बारे में कुछ बताऊं
इन्होंने अपनी पुस्तक में 5 नियमों पर बात की -
पहला नियम - अपनी भावनाओं को पहचाने ( Know your emotions)--
डैनियल गोलमैन के अनुसार हमें 24 घंटे में से कुछ वक्त खुद के लिए निकालना चाहिए फिर चाहे वह 10 मिनट हो या आधा घंटा इसमें आप एकांत में अकेले में जाइए noise से दूर रहकर एक शांत जगह में बैठिए और अपने आप पर ध्यान दीजिए इससे होगा क्या कि आप अपनी भावनाएं आपके इमोशंस को आप गहराई से जान पाएंगे आपको यह एनालाइज करना है कि कौन-कौन से इमोशंस हैं जिनसे आप परेशान हैं या आप से कंट्रोल नहीं होते।
दूसरा नियम - भावनाओं का मैनेजमेंट करना (Emotional management)-- इसका मतलब यह हुआ कि जैसे ही हमें यह समझ में आ जाता है कि कौन सा इमोशंस हमारे शरीर पर कौन से अंग पर हमें प्रभावित कर रहा है जैसे कि गुस्सा होना अब गुस्से में हम जब फील करते हैं हम ध्यान देंगे तो पता चलेगा कि हमारे चेहरे के मसल्स और शरीर के कौन-कौन से मसल्स हैं जिनमें खिंचाव होने लगता है तो जब हम समझ लेते हैं कि हमारे शरीर पर इस इमोशंस का क्या प्रभाव पड़ता है तो फिर इसको नियंत्रित करने के लिए इसके असर को दूर करने के लिए हमें 10 सेकंड का रूल उपयोग करना चाहिए डैनियल गोलमैन के अनुसार हमें जैसे गुस्सा आया तो हमें शांति से बैठ कर 10 सेकंड तक 1 से लेकर 10 तक गिनती करना है आप देखेंगे धीरे-धीरे जब आप यह प्रैक्टिस कई बार करेंगे जैसे जब भी गुस्सा आए,
धीरे धीरे यह इमोशंस आपके शरीर पर प्रभाव नहीं डालेगा।
इमोशंस को रोकना सबसे बड़ी भूल होती है हम जितना इमोशंस को दबाना चाहते हैं उतना ही और भयानक हो जाता है और धीरे धीरे यह शरीर में बीमारियां और ना जाने कितनी गांठ है उत्पन्न करता है तो आपको शांति से सारे पूरे इमोशंस को शरीर में उतरने दीजिए । जैसे गुस्सा आ रहा है तो आने दो उसे रोको मत पूरे शरीर में यह पूर्ण रूप से उतर जाने दो। आप कोई भी एक्शन मत लीजिए आप अपने आप को शांत रखिए आपको कोई एक्शन नहीं लेना है तो धीरे-धीरे यह जब हम प्रैक्टिस करें कुछ दिनों के बाद देखना यह इमोशन तो आएंगे लेकिन आपको मेंटली आप को प्रभावित नहीं कर पाएंगे। आप कभी भी डिस्टर्ब नहीं होंगे इसका मतलब आप हमेशा हर स्थिति में खुश रहेंगे।
तीसरा नियम- खुद को मोटिवेट करते रहें -- इसके अनुसार समय-समय पर हमें अपने Goals के अनुसार अपने आप को मोटिवेट करते रहना चाहिए ताकि हमारा गोल्स क्लियर और रियलिस्टिक हो जाए। होता क्या है कि हमें कोई भी इमोशंस आए और हम उसी में अपने दिमाग को पूरा लगा देते हैं खर्च कर देते हैं सारी ऊर्जा और हमारे गोल्स पर हम कोई ध्यान नहीं देते तो यह इसका नकारात्मक प्रभाव होता है यदि हमें अपने गोल्स को अचीव करना है तो हमें अपनी भावनाओं को नियंत्रण में करना आना ही चाहिए।
चौथा नियम खुद से एंपैथी होना -- मतलब Self Respect एक तरीके से हम यह कह सकते हैं कि हमे अपने आप का empathy होना चाहिए क्योंकि जब आप अपने खुद के बारे में एंपैथी रखेंगे तभी तो आप खुद को समझ पाएंगे मतलब सेल्फ रिस्पेक्ट क्योंकि जिसमें self-respect नहीं होती है वह दूसरों को भी नहीं समझ पाता तो यह चौथा नियम उन लोगों के लिए भी काफी उपयोगी है जो सेल्फ रिस्पेक्ट नहीं करते तो हमें खुद की सेल्फ रिस्पेक्ट करनी चाहिए यदि हमने कोई डिसीजन लिया है तो उसे पूरा भी करना चाहिए यह भी तो एक सेल्फ रिस्पेक्ट है ।
पांचवां नियम- रिश्तों पर ध्यान देना -- इसके अनुसार हमें सेल्फ रिस्पेक्ट के साथ अपने रिलेशन या फैमिली मेंबर के प्रति एंपैथी होना चाहिए आजकल परिवारों में लड़ाइयां पति पत्नी में झगड़ा और बच्चों के साथ बुरे व्यवहार और ना जाने पारिवारिक समस्याएं जो केवल जो केवल एक दूसरे को नासमझ पाने के कारण होती हैं मतलब हम दूसरे के नजरिए से नहीं देखते। इसके कारण यह प्रभाव देखने को मिलते हैं यदि हम अपने परिवारिक सदस्य के प्रति एम्पेथिक हो जाएं तो हम पाएंगे की लड़ाई झगड़े अधिकांश खत्म हो जाएंगे।
निष्कर्ष - Emotional skills वाले व्यक्ति काफी इफेक्टिव और प्रोडक्टिव होते हैं वह अपने माइंड थॉट्स और भावनाओं को हमेशा संयम में रखकर कार्य करते हैं जिससे वह हर कार्य में सफल होते हैं ।
उम्मीद करता हूं कि यह पुस्तक का सारांश आपके लिए मददगार होगा कृपया अपने आप को काबिल बनाएं और सफलता पाएं।


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